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भोपाल AIIMS में ₹285 के इंजेक्शन की खरीद ₹2100 में, बड़ा घोटाला उजागर

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित प्रतिष्ठित एम्स (AIIMS) अस्पताल एक गंभीर वित्तीय गड़बड़ी को लेकर सुर्खियों में है। खबर है कि भोपाल AIIMS में ₹285 के इंजेक्शन की खरीद ₹2100 में, बड़ा घोटाला उजागर अस्पताल प्रशासन ने मरीजों के लिए जिस इंजेक्शन की असल कीमत ₹285 है, उसे ₹2100 में खरीदा गया। यह खुलासा होते ही न केवल स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया, बल्कि प्रशासन पर भी सवालों की बौछार शुरू हो गई है।

क्या है पूरा मामला?

भोपाल AIIMS में ₹285 के इंजेक्शन की खरीद ₹2100 में, बड़ा घोटाला उजागर यह मामला एंटी-फंगल इंजेक्शन ‘एम्फोटेरिसिन बी’ की खरीद से जुड़ा है, जिसका इस्तेमाल फंगल इन्फेक्शन जैसे म्यूकरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) के इलाज में किया जाता है। कोविड के बाद इस इंजेक्शन की मांग बढ़ी थी और तब कई अस्पतालों में इसकी कालाबाजारी भी सामने आई थी।

भोपाल एम्स ने कथित रूप से इस इंजेक्शन को एक फार्मा कंपनी से ₹2100 प्रति वायल की दर से खरीदा, जबकि बाज़ार में इसकी अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) महज ₹285 थी। यानि एक यूनिट पर ₹1815 का अतिरिक्त खर्च दिखाया गया।

कैसे हुआ खुलासा?

भोपाल AIIMS में ₹285 के इंजेक्शन की खरीद ₹2100 में, बड़ा घोटाला उजागर इस अनियमितता का खुलासा एक आरटीआई (सूचना का अधिकार) के जवाब में हुआ, जिसे एक सामाजिक कार्यकर्ता ने दायर किया था। आरटीआई दस्तावेजों से पता चला कि इंजेक्शन की खरीद वास्तविक कीमत से कई गुना अधिक दर पर की गई। इससे न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ, बल्कि कई जरूरतमंद मरीजों को भी इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ा।

कौन है जिम्मेदार?

फिलहाल इस मामले में एम्स प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई ठोस सफाई नहीं दी गई है। हालांकि, कुछ अधिकारियों का कहना है कि इंजेक्शन की खरीद उस समय हुई जब इसकी सप्लाई बाजार में कम थी और मांग बहुत ज्यादा।

लेकिन जानकारों का मानना है कि महामारी के समय सरकार ने इस इंजेक्शन की सप्लाई और कीमतों को नियंत्रित किया था, ऐसे में इतना बड़ा अंतर असामान्य और जांच का विषय है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और जांच की मांग

इस मामले पर विपक्षी दलों ने भी सरकार और एम्स प्रशासन पर हमला बोल दिया है। कांग्रेस ने इसे “मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़” बताते हुए सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की है। राज्य सरकार ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रारंभिक जांच के आदेश दे दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, “अगर यह आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

मरीजों और परिजनों में आक्रोश

भोपाल AIIMS में ₹285 के इंजेक्शन की खरीद ₹2100 में, बड़ा घोटाला उजागर इस खुलासे के बाद मरीजों और उनके परिजनों में भी आक्रोश देखने को मिल रहा है। एक मरीज के परिजन ने कहा, “हम जैसे गरीब लोग बड़ी मुश्किल से इलाज करवा पाते हैं, और अगर अस्पताल खुद ही इस तरह लूट करेगा तो हम कहां जाएं?”

निष्कर्ष

भोपाल एम्स में ₹285 के इंजेक्शन को ₹2100 में खरीदना एक बड़ा स्वास्थ्य घोटाला नजर आ रहा है। यह न सिर्फ सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि आम जनता के विश्वास के साथ भी धोखा है। अब देखना होगा कि जांच में क्या निकलता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

भोपाल AIIMS में ₹285 इंजेक्शन ₹2100 में

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