टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के CEO Krithivasan ने हाल ही में कंपनी द्वारा की गई 12,000 कर्मचारियों की कटौती के पीछे का असली कारण बताया। उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) या ऑटोमेशन के कारण नहीं लिया गया है, जैसा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था। उनका कहना है कि यह कदम कंपनी की कार्यक्षमता को सुधारने और व्यवसायिक जरूरतों के अनुसार कामकाजी रणनीतियों में बदलाव करने के लिए उठाया गया है।
TCS द्वारा 12,000 नौकरी कटौती का निर्णय 
TCS CEO Krithivasan ने हाल ही में यह घोषणा की थी कि वह अगले कुछ महीनों में लगभग 12,000 कर्मचारियों की नौकरी समाप्त करेगी। इस निर्णय ने उद्योग में हलचल मचाई, और कई लोगों ने इसे AI और ऑटोमेशन से जोड़कर देखना शुरू कर दिया था। हालांकि, TCS के CEO कृष्णिवासन ने इस बारे में विस्तार से बताया कि कंपनी की यह योजना सिर्फ तकनीकी कारणों से नहीं है।
TCS CEO Krithivasan ने इस फैसले के बारे में बात करते हुए कहा, “हमारी यह नीति केवल AI के कारण नहीं है, बल्कि हम कंपनी के दीर्घकालिक लक्ष्यों और बदलते बाजार परिस्थितियों के आधार पर यह कदम उठा रहे हैं।” उनका कहना था कि यह निर्णय कर्मचारियों की कार्यक्षमता में सुधार और समग्र उत्पादकता बढ़ाने के लिए लिया गया है, ताकि कंपनी अपने ग्राहकों की बदलती जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर सके।
AI और ऑटोमेशन का प्रभाव
TCS CEO Krithivasan ने यह भी स्पष्ट किया कि AI और ऑटोमेशन की वजह से कर्मचारियों की कटौती का तर्क गलत है। उनका मानना है कि तकनीकी बदलाव, जैसे कि AI का इस्तेमाल, सिर्फ एक हिस्सा है, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को उनकी भूमिका के हिसाब से सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा, “हम कर्मचारियों को नए कौशल और तकनीकी ज्ञान प्रदान कर रहे हैं, ताकि वे आने वाले समय में बदलती जरूरतों का सामना कर सकें।”
TCS ने पहले ही कई कर्मचारियों को डिजिटल और एआई-आधारित कार्यों के लिए ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया है। कृष्णिवासन का कहना है कि अगले कुछ वर्षों में, कंपनी नई तकनीकी भूमिकाओं में नौकरी के अवसर सृजित करेगी और यह कर्मचारियों के लिए एक अच्छा अवसर होगा।
कर्मचारियों के लिए नई संभावनाएं
TCS के CEO ने इस बात को भी उजागर किया कि कंपनी अपने कर्मचारियों को नई तकनीकी क्षमताओं के लिए तैयार करने में निवेश कर रही है। उनका मानना है कि बदलते बाजार में केवल वही कंपनियां आगे बढ़ पाएंगी जो अपनी टीम को लगातार अपडेट करती रहें। उन्होंने कहा, “हम नए कौशल के साथ कर्मचारियों को उन्नत करने के लिए कई प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं, ताकि वे डिजिटल और डेटा साइंस जैसे उभरते क्षेत्रों में अपने करियर को आगे बढ़ा सकें।”
कृष्णिवासन का कहना था कि 12,000 कर्मचारियों की कटौती केवल एक ऑपरेशनल बदलाव का हिस्सा है, और यह लंबे समय तक कंपनी की वृद्धि और विकास के लिए लाभकारी होगा। इसके अलावा, जो कर्मचारी कंपनी छोड़ेंगे, उन्हें उपयुक्त सेवाएं और सपोर्ट प्रदान किया जाएगा।
भविष्य की रणनीति
TCS के CEO ने यह भी बताया कि कंपनी अपने भविष्य की रणनीतियों में AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, और अन्य उभरती हुई तकनीकों में निवेश बढ़ाने की योजना बना रही है। उनका कहना था, “हमारी फोकस हमेशा से अपनी टीम को उच्चतम मानकों के अनुसार प्रशिक्षित करना और कंपनी के विकास को बढ़ावा देना रहा है। आगामी वर्षों में, हम अपने कर्मचारियों के लिए कई नई कार्यक्षेत्र और अवसर सृजित करेंगे।”
निष्कर्ष
TCS के CEO कर्षन कृष्णिवासन ने 12,000 कर्मचारियों की कटौती के फैसले को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह कदम AI या ऑटोमेशन के कारण नहीं, बल्कि कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह एक कठिन निर्णय था, लेकिन कर्मचारियों के लिए नए अवसर और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। TCS का यह कदम कर्मचारियों के लिए नई संभावनाओं को जन्म देगा और कंपनी की कार्यक्षमता में सुधार करेगा।